وَلَقَد كَتَبنا فِي الزَّبورِ مِن بَعدِ الذِّكرِ أَنَّ الأَرضَ يَرِثُها عِبادِيَ الصّالِحونَ
"ज़बूर" में (तौरेत) के उल्लेख के बाद मैं ने लिखा: मेरे योग्य बन्दे भूमि (हुकूमत) के वारिस होंगे
(सूरऐ मुबारका अंबिया; आयत, 105)


अगर मानव जात देख रही है कि दुन्या के बदमाश लोग लूटपाट कर रहे हैं और ज़बरदसती इंसानों के अधिकारों को छीन रहे हैं, तो यह नहीं सोचना चाहिए कि दुनिया का भाग्य यही है; यह कल्पना नहीं करना चाहिए कि इस के अलावा कोई उपाय नहीं है और इसी स्थिति पर राज़ी रहें; यह जानना चाहिऐ कि यह स्थिति एक जाने वाली स्थिति है और वह बात जो इस ब्रह्मांड से संबंधित है और इस ब्रह्मांड की प्रकृति है मुराद है, न्याय के शासन की स्थापना है और वह हो कर रहेगा।
अयातुल्ला Khamenei; 2005/09/20

आज मानव की मानसिकता,इस के लिए तैयार है कि समझे और जाने और यक़ीन करे, कि ऐक महान आदमी आऐगा और मानवता को  अत्याचार व ज़ुल्म के सहेजा से नजात देगा; वही बात कि सभी पैग़म्बरों ने उसके लिऐ कोशिश की है वही बात कि इस्लाम के पैगंबर ने कुरान की आयत में जिसका वादा लोगों को दिया है: «و یضع عنهم اصرهم و الاغلال التی کانت علیهم؛« और उनके [कंधों] से क़ैद और गिरहों को जो उन पर थीं उठा लेगा! '(अलआराफ़ /आयत 157)
अयातुल्ला Khamenei; 2008/11/23

उन बड़ी बड़ी बातों के जो अहंकारी लोग करते हैं और सैनिक और राजनीतिक और वित्तीय और शांतिक संदर्भ में अहंकारी और उनके साथी व घमंडी लोगों के रासते पर चलने वाले लोग, जो बहुत कोशिश करहे हैं इसके बावजूद निश्चित रूप से इस क्षेत्र में और पूरी दुन्या का भविष्य इस्लाम से संबंधित है;,
अयातुल्ला Khamenei; 2015/08/17