इमाम हुसैन (यूसुफ) ने फरमाया: जिसने अल्लाह की इबादत जैसी कि करना चाहिए तो अल्लाह उसकी उमीदों को पुरी करेग़ा भगवान की पूजा जो इसे हकदार भगवान उसे जो चाहता है और उसके गुणों से अधिक देता है। मुसुअत कलिमात अल-इमाम अल-हुसैन (अ0) 748, ह़ 906